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चॉकलेट खाएं, टेंशन और डिप्रेशन दूर भगाएं


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को तनाव और डिप्रेशन की समस्या काफी बढ़ गई है। काम के बढ़ते बोझ और स्ट्रेस से आपका खानपान भी प्रभावित होता है क्योंकि जब आप लंच, ब्रेकफास्ट या फिर डिनर मिस कर देते हैं तो जंक फूड खाते हैं। जंक फूड, बेकरी फूड और शुगर वाली चीजें कुछ देर आपको राहत तो जरूर देती हैं, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं। इसी वजह से तनाव और अवसाद की समस्या होती है। ऐसे में अगर आप कुछ फूड आइटम्स को अपनी डायट में शामिल कर लें तो इससे आपका तनाव कम होगा और आप ज्यादा खुश रह पाएंगे...
स्ट्रेस दूर करती है चॉकलेट

पपीते से बनायें हेयर मास्क और बालों की हर समस्या से पाए छुटकारा

पपीता से कैसे बनायें हेयर मास्क: पपीते के बारे में तो आप सभी जानते ही हैं और इसके फायदों के बारे में भी जानते होंगे. पपीता आपकी सेहत के लिए कितना लाभदायक है इसे खाने से क्या फायदे होते है इन लाभों से आप अच्छे से परिचित है. लेकिन क्या आप जानते है पपीता खाने से होने वाले फायदों के अलावा भी ये किस काम आ सकता है.आपकी सेहत के लिए  जितना लाभकारी होता है उतना ही लाभकारी बालो के लिए भी होता है.

टमाटर है स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल

टमाटर जितना देखने में अच्छी लगता है, उतनी ही वह खाने में स्वादिष्ट भी है और स्वास्थ्यवद्र्धक भी। तभी तो टमाटर का उपयोग सब्जी के रूप में करने साथ-साथ सलाद और चटनी के रूप में बहुतायम में किया जाता है।टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। टमाटर में संतृप्त वसा, सोडियम स्वाभाविक रूप से कम होता है। टमाटर थियमिन, नियासिन, फास्फोरस और तांबा, नियासिन, विटामिन बी-6, मैग्रीशियम प्रदान करता है। जो सभी अच्छी स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। टमाटर काट कर चेहरे पर मलें। सूखने पर धो लें। टमाटर ब्लीच का काम करत

नई किस्म की जांच से मापे दिल की सेहत, पता चलेगी बीमारी

शोधकर्ताओं ने एक नई किस्म की खून जांच का पता लगाया है, जो यह बता सकता है कि कुछ रोगियों को दिल का दौरा पड़ने के बाद जान पर ज्यादा खतरा क्यों बना रहता है। शोधकर्ता ने कहा कि नोवल थैरेपी कोरोनरी सिंड्रोम वाले रोगियों में फाइब्रिन थक्का विश्लेषण इस रोग का सही निदान हो सकता है। यूके की शेफील्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉब स्टोरे ने कहा, 'हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि क्यों कुछ रोगियों को दिल का दौरा पड़ने के बाद अधिक खतरा होता है। हम आने वाले समय में नए उपचारों के साथ इसका निदान कैसे कर सकते हैं।'

खट्टी डकार आने से हैं परेशान तो अपनाएं

खट्टी डकार आने पर कई बार दूसरो के सामने भी शर्मिंदा होना पड़ता है। आज हम आपको ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप इस समस्या से कुछ मिनटों में ही दूर कर सकते हैं।  
 कैमोमाइल टी बैग- बार-बार डकार आने की समस्या को दूर करने के लिए कैमोमाइल टी बैग को गर्म पानी में डालें। 10 मिनट बाद इस चाय को पी लें। इससे खट्टी डकार की समस्या मिनटों में दूर हो जाएगी।
 अदरक- गर्म पानी में 1 चम्मच अदरक का रस, नींबू का रस और सेंधा नमक डालकर मिला लें। इसके बाद इसमें शहद डालकर दिन में 2-3 बार पीएं। आपकी परेशानी खत्म हो जाएगी।

अपने डायटिंग रेजॉलूशन पर टिके रहने के लिए आजमाएं ये ट्रिक्स


नए साल पर ज्यादातर लोग फिट रहने का या वजन कम करने का रोजॉलूशन लेते हैं। रेजॉलूशन को साल भर फॉलो करना तो दूर कई लोग जनवरी के अंत तक ही उसे तोड़ देते हैं। खासकर जिन लोगों ने हेल्थी डायट का रेजॉलूशन लिया होता है वे जल्दी इसे तोड़ देते हैं क्योंकि लजीज स्नैक्स देखकर आप खुद से कोई न कोई बहाना बना ही लेते हैं।
ठ्ठ सही चुनें
200 कैलरी प्रतिदिन हेल्थी माना जाता है। यह बिना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाए आपकी क्रेविंग्स को मिटा सकता है। इसलिए इस लिमिट में रहकर आप भूख मिटा सकते हैं।
ठ्ठ स्नैक अटैक के लिए रहें तैयार

अगर आपको लगे बार-बार भूख..तो ना करें इन बातों को नजर अंदाज.....


भूख लगना अच्छी बात है लेकिन जरूरत से ज्यादा भूख लगना किसी बीमारी का कारण भी हो सकता है। इसके कारणों को पहचाने की बजाय कुछ लोग ओवर ईटिंग करने लगते हैं जिससे पांचन तंत्र कमजोर होने लगता है। अगर आपको भी खाना खाने के बाद पेट खाली लगता है तो इस समस्या को नजरअंदाज न करें। इसके पीछे के कारणों को जानने की कोशिश करें। आज हम आपको बार-बार भूख लगने के उन्हीं कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं। 

दूषित हवा से पीरियड्स में हो सकती है गड़बड़ी

हाल ही में आपने राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों को स्मॉग की चादर से ढका देखा था। पलूशन की वजह से लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया था। इसका काफी बुरा असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा था।
पलूशन से जुड़ी अब एक नई समस्या सामने आई है। शायद ही आपको पता हो कि टीनएज लड़कियों पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ता है।

आलू के छिलके खाना करें शुरू, पास नहीं भटकेंगी ये 5 बीमारियां

आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है. क्योंकि आलू को ज्यादातर सब्जियों के साथ प्रयोग किया जा सकता है. आलू को स्वाद और सेहत के लिए तो खाया ही जाता है. आलू ही नहीं इसका छिलका भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है. क्योंकि इसके  छिलके में ऐसे कई तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

वैसे ज्यादातर घरों में आलू के छिलकों को कूड़े में फेंक दिया जाता है. लेकिन आज हम आपको आलू के छिलके खाने से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे. उसके बाद आप आलू के छिलके भूलकर भी नहीं फेंकेंगे.

क्या हैं आलू के छिलके खाने के फायदे

सिगरेट कम नहीं पूरी तरह छोड़ें, नहीं है कोई सेफ लिमिट

सिगरेट पीने से सेहत पर खतरे के बारे में तो आपने खूब सुना होगा। इन्हीं खतरों के कारण कई लोगों ने सिगरेट पीना कम भी किया होगा लेकिन आपको बता दें कि सिर्फ कम करने से कोई फायदा नहीं है। दिन में एक सिगरेट पीना भी आपके लिए हानिकारक है। इससे दिल की जानलेवा बीमारियों का खतरा खत्म नहीं हो जाता है। द बीएमजे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सिरगेट भी बाद में आपके लिए दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।

रोज 1 कच्चा प्याज खाने से आपकी ये बीमारियां हो जाएंगी दूर....

सल्फर, एमिनो एसिड, एंटीबायोटिक्स, फाइबर, कैल्शियम, आयोडीन, फॉस्फोरस, मिनरल्स और विटामिन्स के गुणों से भरपूर 1 कच्चे प्याज का सेवन गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है। आज हम आपको बताएंगे कि रोज 1 कच्चा प्याज खाने से कौन-सी 4 बीमारियां जड़ से खत्म हो जाती है।
ठ्ठ कब्ज- प्याज में मौजूद रेशे पेट की बीमारियों के लिए फायदेमंद होते है। रोज 1 कच्चा प्याज खाने से कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है और पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता है।

दांतों को प्राकृतिक रूप से कैसे चमकाएं 

दातों को प्राकृतिक रूप से कैसे चमकाएं, दोस्तों इस पोस्ट में आपको आज ऐसे बहुत सारे उपाय बताएंगे जिससे कि आपके पीले दांत प्राकृतिक रूप से सफ़ेद और चमकदार हो जायेंगे. और ये दांतो के पीलेपन को दूर करने के उपाय पूरी तरह घरेलू और प्राकृतिक है, इसके इस्तेमाल से आपको किसी भी तरह का साइडइफेक्ट होने का डर नहीं है, और ये तरह सुरक्षित है.

एड़ी के दर्द सताए तो करें यह उपाय

बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके चलते फिरते पैरों में काफी दर्द होता है। ऐसा नहीं है कि आपकी उम्र ज्यादा होने की वजह से ही ऐसा होता हो। ऐसा कम उम्र के नौजवानों में भी हो सकता है। पूरे दिन की भाग-दौड़ के चलते हम सभी के पैरों में दर्द महसूस होता है। पैरों की एडियों में दर्द हो तो चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। यह दर्द तब महसूस होता है जब आप देर तक खड़ी रहती हैं या फिर ऊंची एड़ी की सैंडल पहनती हों। हो सकता है कि एड़ी का दर्द काफी तेज हो गया हो लेकिन आपको घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि यह कोई बीमारी नहीं है। हमारे पैरों में कुल 26 हड्डियां होती हैं, जिसमें से एड़ी की हड्डी सबसे बड़ी होती है। विशेष

छींक को जबरन रोकना है घातक, हो सकती है मौत

छींक आने पर अगर आप भी अपनी नाक और मुंह बंद करके छींक को जबरन रोकने का प्रयास करते हैं तो यह आपके जीवन के लिए घातक हो सकता है। डॉक्टरों ने इस संबंध में चेतावनी दी है। आखिर क्या है इसकी वजह जानें, छींक रोकने पर चली गई युवक की आवाज एक व्यक्ति हाल में छींक रोकने का करतब दिखाने का प्रयास करते हुए घायल हो गया। अपनी नाक और मुंह बंद करके छींक को रोकने का प्रयास करने पर इस युवक के गले में झनझनाहट पैदा हो गई और फिर उसका गला सूज गया। छींक रोकने के थोड़ी देर बाद उस युवक ने कोई चीज निगलने में दर्द महसूस किया और फिर उसकी आवाज चली गई। ब्रिटेन के लीसेस्टर यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसका इलाज किया।

टूथपेस्ट, साबुन और डिटरजेंट में होते हैं मलेरिया-रोधी तत्व

लंदन में हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि टूथपेस्ट, साबुन और डिटरजेंट में एक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो मलेरिया के कीटाणुओं से लडऩे में सक्षम है। रोबोट वैज्ञानिक ईव की अगुआई में हुए शोध के मुताबिक, टूथपेस्ट में पाया जाने वाला ट्राइक्लोजन नामक तत्व मलेरिया परजीवी विशेषकर डीएचएफआर नामक एक एंजाइम पर हमला कर उसकी वृद्धि को रोकता है। मलेरियारोधी दवाई पिरिमेथामाइन मुख्यत: डीएचईआर पर हमला करती है। अफ्रीका में इस दवाई का मलेरिया परजीवियों पर सामान्य असर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने साबित किया कि ट्राइक्लोजन मलेरिया के उन परजीवियों पर भी कारगर साबित हुआ जो पिरिमेथामाइन से लडऩे में सक्षम थे। ब्राज

2 मिनट में जानिए कैसे बिजी लाइफ में यह फूड बढ़ाएगा आपकी याददाश्त

पिछले कुछ सालों में जमाना तेजी से बदला है. पहले काम सुकून से किया जाता था, लेकिन अब काम में जल्दबाजी है. हर शख्स एक को पीछे छोड़कर खुद आगे निकलना चाहता है | भाग-दौड़ की जिंदगी में जितना वक्त लोगों के पास अपने काम के लिए उसका आधा भी वक्त अपनी सेहत के लिए नहीं है. खाने-पीने पर ध्यान ना देने के कारण एक वक्त ऐसा आता है जब हम हमारी याद रखने की क्षमता कम हो जाती है.

ज्यादा नर्म गद्दे पर सोने से हो सकती है कमर दर्द की परेशानी

कमर दर्द की समस्या आजकल आम बात हो गई है। सिर्फ बड़ी उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवाओं में भी कमर दर्द की ढेरों शिकायतें मिल रही हैं। कमर दकी मुख्य वजह बेतरतीब जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करना है। ज्यादातर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कमर के दोनों ओर कूल्हों तक भी फैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ कमर दर्द की समस्या बढ़ती जाती है। नतीजा काम करने में परेशानी। कुछ आदतों को बदलकर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। आज हम आपको बताते हैं कि किन घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप कमर दर्द से निजात पा सकते हैं।
इसलिए होता है कमर दर्द

हैपी और हेल्थी खाने का बच्चे को फर्क समझाएं


रोजाना की भागदौड़ में, तो आप चाहकर भी बच्चों को अच्छी तरह यह नहीं समझा पातीं कि उनकी सेहत के लिए कैसा खाना अच्छा है। बस, बच्चा कुछ खाकर स्कूल चला जाए और अपना लंच फिनिश करके लाए, इस चक्कर में उनकी पसंदीदा चीजें उन्हें परोस देती हैं। कुछ चीजें खाने में तो अच्छी लगती हैं लेकिन हेल्थ के लिए सही नहीं होती हैं। इसी तरह, कुछ खाने में लजीज नहीं होतीं, लेकिन हेल्थ को फायदा देती हैं। वैसे, इस हैपी और हेल्थी ईटिंग का फर्क बच्चों को खासतौर पर पता होना चाहिए। तो उन्हें समझाने की शुरुआत आप साल के शुरू से ही कर सकते हैं।
फास्ट नहीं हो फूड

चश्मे से नाक पर बन गए हैं निशान तो इन उपायों को आजमाएं

हमारे जीवन में गैजेट्स के बढ़ते दखल और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से बहुत सारे लोगों की आंखें कम उम्र में ही कमजोर हो रही हैं और लोगों को चश्मा लगाना पड़ रहा है। ऐसे में लगातार चश्मे का प्रयोग करने की वजह से कई बार चेहरे पर खासकर नाक के पास निशान बन जाता है। ये निशान तब और बुरा लगता है जब आप चश्मा उतारते हैं। लेकिन नाक पर बनने वाले इस निशान को कुछ घरेलू उपायों की मदद से आसानी से ठीक किया जा सकता है...
ठ्ठ संतरे का छिलका

स्वस्थ रहने की 10 अच्छी आदतें

कहीं भी बाहर से घर आने के बाद, किसी बाहरी वस्तु को हाथ लगाने के बाद, खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, खाने के बाद और बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। यदि आपके घर में कोई छोटा बच्चा है तब तो यह और भी जरूरी हो जाता है। उसे हाथ लगाने से पहले अपने हाथ अच्छे से जरूर धोएं। 

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