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परीक्षा के समय शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से पढ़ाई हो रही प्रभावित 

 स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी शिक्षाकर्मियों की हड़ताल का विरोध किया
 20 नवंबर से शिक्षाकर्मियों द्वारा संविलियन सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर की जा रही अनिश्चिकालीन हड़ताल का अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। ज्ञातव्य है कि शनिवार को शिक्षाकर्मियों ने महारैली का आयोजन कर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। छग पालक एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद साहू एवं महासचिव श्रीमती प्रभा चंद्राकर ने परीक्षा के समय शिक्षाकर्मियों की हड़ताल करने को औचित्यहीन करार देते हुये शासन से शिक्षाकर्मियों की मांगों पर बीच का रास्ता निकालकर पढ़ाई में हो रहे नुकसान की भरपाई करने की अपील की है। 
गौरतलब है कि शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति छग शिक्षाकर्मी भर्ती अधिनियम के तहत अस्थायी पद पर की गई थी। शासन द्वारा समय-समय पर शिक्षाकर्मियों को वेतन वृद्धि का लाभ भी दिया जाता रहा है किन्तु सेवाशर्तों में स्थायी शिक्षक पद पर नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने के कारण यह मुददा कैबिनेट की बैठक में लिये गये निर्णय के बाद ही लागू हो पाएगा। विद्यार्थियों ने विशेषकर बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों ने परीक्षा के समय शिक्षाकर्मियों की हड़ताल पर कड़ी आपत्ति करते हुये मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षामंत्री से नियत समय में स्कूलों में वापस लौटने के लिए नोटिस जारी करते हुये समयावधि में वापस नहीं लौटने वाले शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से करने की मांग की है।
 

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