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निगम की लापरवाही से हलाकान जनता 

जहा एक तरह रायपुर को स्मार्ट सिटी बनने का सपना देख रहे रायपुर वासियों के लिए खुद की लापरवाही समस्या का सामना करना पद रहा है |  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रत्येक वार्ड में लोग कचरे की समस्या से जूझ रहे हैं परंतु वार्डों के पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों पर जूँ तक नहीं रेंग रहे हैं। सामाजित कार्यकर्त्ता 
प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि यह तस्वीर वार्ड क्रमांक 28, महर्षि वाल्मीकि वार्ड की हैं जहाँ की पार्षद शारदा पटेल हैं जहाँ खुलेआम कचरा फेंका जाता है जिससे वहाँ सूअर विचरण करते हैं और जिससे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। स्वयं पार्षद महोदया के निवास के आसपास भी कचरे के ढेर का अंबार लगा हुआ है जिससे आए दिन नालियां जाम हो कर ओवरफ्लो हो जाती हैं और गंदा पनी रोड पर बहता रहता है। यही हाल राजधानी के प्रत्येक वार्ड का है।
एनजीटी के सख्त आदेशों को भी दरकिनार कर दिया गया है। केंद्र और राज्य के स्वच्छ भारत अभियान की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अरबों रुपए सिर्फ स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार के लिए खर्च किए जा रहे हैं पर उसका परिणाम शून्य से ज्यादा कुछ नहीं है निगम के अधिकारियों, पार्षदों और शहर के प्रथम नागरिक महापौर प्रमोद दुबे से सवाल किया कि आखिर कब तक हमारा शहर साफ होगा?
गौरतलब है कि प्रकाशपुन्ज पाण्डेय इसके पूर्व भी कचरे के ढेर व जल भराव जैसी समस्याओं को जनहित में उठाते रहे हैं और उन्होंने मीडिया के माध्यम से स्वच्छता अभियान के लिए जनता से अपील की है लोगों अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं।
प्रकाशपुन्ज पाण्डेय मार्च 2018 से, कचरे की समस्या, खुले में शौच, जल भराव जैसी समस्याओं के समाधान हेतु एक जागरूकता अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें उन्हें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों का समर्थन प्राप्त है। यह अभियान जमीनी स्तर पर जन जन के साथ ही शोशल मीडिया पर भी चलेगा और तब तक चलेगा जब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता।

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