Skip to main content
Image

बसपा सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ में लगाए उत्तरप्रदेश के पांच दूत

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती पहली बार खासी दिलचस्पी ले रही हैं। इस बार यहां बसपा को कांग्रेस ने समझौते का प्रस्ताव दिया है। इस कारण बसपा गठबंधन के सहारे सत्ता में आने की पूरी कोशिश करेगी।यह अभी से दिखने लगा है, क्योंकि बसपा सुप्रीमो ने उत्तरप्रदेश के पांच नेताओं को यहां काम पर लगा दिया है, जो मायावती के लिए दूत का काम करेंगे। दस मार्च को प्रदेश स्तरीय बैठक रखी गई है, जिसमें उत्तरप्रदेश के पांचों नेता शामिल होंगे। इसमें कांग्रेस के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।उत्तरप्रदेश में सत्ता हाथ से निकलने के बाद से बसपा सुप्रीमो वापस पॉवर में आने के लिए काफी बैचेन हैं। इस कारण राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तरप्रदेश में उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ समझौता किया है, लेकिन इसके बाद भी राह आसान नहीं है। बसपा और सपा की कोशिश कांग्रेस से हाथ मिलाने की है।हालांकि, कांग्रेस अभी इसके लिए तैयार नहीं है। अगर, कांग्रेस समझौता करती है तो वह बसपा का साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में चाहेगी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने बसपा पदाधिकारियों के सामने समझौते का प्रस्ताव भी रख दिया है।

यह बात बसपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी एमएल भारती ने मायावती तक पहुंचा दी है। इस कारण मायावती छत्तीसगढ़ में चुनावी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। उन्होंने उत्तरप्रदेश के भीम राजभर और अजय साहू को भी प्रभारी बनाया है। इनके अलावा उत्तरप्रदेश के बसपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा और समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा में आए अंबिका चौधरी को केवल चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी है।

शनिवार को उत्तरप्रदेश के पांचों नेता भारती, वर्मा, चौधरी, राजभर और साहू की उपस्थिति में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक रखी गई है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश बाजपेयी ने बताया कि बैठक में केवल चुनावी विषयों पर चर्चा होगी।

Add new comment

Plain text

  • No HTML tags allowed.
  • Lines and paragraphs break automatically.
  • Web page addresses and email addresses turn into links automatically.