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नक्सलियों का सफाया करेगा 'ऑपरेशन माड़",

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अब फोर्स ने 'ऑपरेशन माड़" लांच किया है। सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवानों को अबूझमाड़ के जंगलों में उतारा गया है। पहली बार सीआरपीएफ ने इंद्रावती नदी के किनारे तीन कैंप खोला है। यही नहीं, पुसपाल और माले के कैंप में सीआरपीएफ के 100-100 जवानों को तैनात कर दिया गया है।नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी के लिए सीआरपीएफ को मिनी यूएवी दी गई है, जिससे नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर आपरेशन किया जा रहा है। सीआरपीएफ के आला अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ अब अबूझमाड के घने जंगलों में फोर्स का ऑपरेशन शुरू हो रहा है। इसको देखते हुए तीन नए स्थाई कैंप खोले गए हैं।

बताया जा रहा है कि यह कैंप उन स्थानों पर खोले गए हैं, जहां सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद हुए हैं। जवानों को राशन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पहले यहां रोड और हवाई कनेक्टिविटी का इंतजाम किया गया है। पहले चरण में तीन कैंप के बाद अब आगे भी कैंप खोलने की तैयारी चल रही है। इस कैंप के आसपास कोई पुलिस स्टेशन नहीं था, जिसके कारण नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी भी नहीं मिल पा रही थी। बस्तर आईजी विवेकानंद ने बताया कि इंद्रावती नदी के किनारे नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहा है। नए कैंप खुलने से फोर्स को आपरेशन में मदद मिल रही है।

रेवेन्यू सर्वे के काम में कर रहे मदद

सीआरपीएफ का कैंप खुलने के बाद वहां रेवेन्यू सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने गांवों

का हवाई सर्वे भी किया है। बताया जा रहा है कि अब तक 36 ग्राम पंचायतों का सर्वे किया गया है। इसमें 207 गांव की राजस्व जमीन के बारे में जानकारी मिल गई है। बताया जा रहा है कि 350 किलोमीटर का एरिया कवर हो गया है।

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