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रायपुर क्रिकेट स्टेडियम की बिजली कटी, 3 करोड़ का बिजली बिल बकाया

एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बड़े आयोजन के लिए तरस रहा है, वहीं दूसरी ओर खेल विभाग और पीडब्ल्यूडी के आमने-सामने होने की वजह से स्टेडियम अंधेरे में डूबा है। प्रदेश का इकलौता और देश का दूसरा सबसे बड़ा स्टेडियम तकरीबन एक महीने से अंधेरे में है। सवा तीन करोड़ रुपए बिजली बिल जमा न होने की वजह से बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया है। अब तक तय नहीं हुआ है कि खेल विभाग बिल जमा करेगा या पीडब्ल्यूडी।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उनकी है और बिजली बिल का भुगतान खेल विभाग को करना है। खेल विभाग का कहना है कि मेंटेनेंस से लेकर सभी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। बिल का भुगतान पीडब्ल्यूडी करेगा।

2009 के बाद से नहीं हुआ भुगतान

क्रिकेट स्टेडियम के बिजली बिल का भुगतान 2009 के बाद से नहीं हुआ है। करीब सवा तीन करोड़ रुपए बिल बकाया है। हालांकि कुछ सालों तक पीडब्ल्यूडी ने बिजल का भुगतान किया। बाद में खेल विभाग को बिल दिया जाने लगा, लेकिन उसने बिल का भुगतान नहीं किया।

सीटीएल में हो सकती है समस्या

एक सप्ताह बाद शुरू हो रही छत्तीसगढ़ टी-20 लीग में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है, लेकिन गर्मी में बिजली न होने समस्या खड़ी होगी।

हॉफ मैराथन में हुआ था खुलासा

हॉफ मैराथन के दौरान बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया था। तब खेल विभाग ने 2 लाख रुपए देकर अस्थाई कनेक्शन लिया था।

हॉकी स्टेडियम के बिल को लेकर उठा था विवाद

अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का बिजली बिल दो लाख से ज्यादा बकाया होने पर 2016 में कनेक्शन काट दिया गया था। अंतत: खेल विभाग ने बिल जमा कर कनेक्शन जुड़वाया।

पीडब्ल्यूडी जमा करेगा

शुरुआत में पीडब्ल्यूडी ने बिल का भुगतान किया। इसके बाद अचानक भुगतान बंद कर दिया गया और इसकी जानकारी खेल विभाग को बाद में दी गई है। स्टेडियम के मेंटेनेंस से लेकर सारी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। बिजली बिल भी वही जमा करेंगे - धर्मेश साहू, संचालक, खेल विभाग

पीडब्ल्यूडी के जिम्मे केवल मेंटेनेंस है। बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी खेल विभाग की है। खेल विभाग को बिल दिया जाता रहा है, लेकिन विभाग ने भुगतान नहीं किया - सुरेश भुपल, एसई, पीडब्ल्यूडी

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