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शीतकालीन सत्र की हंगामेदार शुरूआत प्रतिपक्ष कांग्रेस ने किसानों की धान खरीदी, बोनस में अनियमितता का मुद्दा उठाया।



रायपुर। विधानसभा शीतकालीन सत्र का प्रथम सत्र हंगामेदार रहा। जहां एक ओर प्रतिपक्ष कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों की समस्या स्थगन के जरिये उठाई वहीं सत्तापक्ष ने प्रतिपक्ष कांग्रेस द्वारा मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का विशेषाधिकार भंग करने का मामला जोरशोर से उठाया।विधानसभा का प्रश्रकाल समाप्त होते ही प्रतिपक्ष कांग्रेस के विधायक भूपेश बघेल एवं अन्य सदस्यों ने प्रदेश में कृषकों की धान खरीदी बोनस वितरण किसानों की आत्महत्या का मामला उठाते हुये कहा कि प्रदेश में ऐसी वीभत्स स्थिति के बावजूद प्रदेश की सरकार तिहार मनाने जा रही है। भूपेश बघेल ने धान खरीदी में अनियमितता बोनस वितरण में पिछले कुछ वर्षों में किसानों के साथ धोखाधड़ी की बात कहीं। प्रतिपक्ष के सदस्यों ने कहा कि धान खरीदी बिक्री में टोकन व्यवस्था के चलते  किसानों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू ने भी सरकार पर किसानों से छलावा करने का आरोप लगाकर धान खरीदी में अव्यवस्था की बात कही। उन्होंने कहा इससे किसानों में सरकार के खिलाफ काफी नाराजगी है। स्थगन का मामला चूंकि किसानों से संबंधित था। इस लिए इसे तत्काल कार्रवाई में लिया जाना चाहिए। इस पर तत्काल चर्चा शुरू की जाए। संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रतिपक्ष के सदस्य प्राय: हर सत्र में इसी तरह प्रश्रकाल में बाधा डालने का प्रयास करते हैं। विपक्ष के विषयों में उतनी गंभीरता नहीं रहती है। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने शोर शराबे के बीच कई बार समझाइश दी और कहा कि मैंने सभी सदस्यों से कहा है कि विधानसभा की कार्रवाई में सदस्यों का सकारात्मक सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में उठाए गए विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव से इनकार नहीं किया जा रहा है। पहले प्रश्रकाल तो चलने दिया जाए।प्रश्रकाल के बाद इस पर निर्णय लूंगा। अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के द्वारा इस पर व्यवस्था दिये जाने के बात कहने के बाद प्रश्रकाल की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्रकाल के बाद अध्यक्ष ने प्रतिपक्ष कांग्रेस के विधायक भुपेश बघेल की प्रथत सूचना का उल्लेख करते हुये। उनका स्थगन ग्राहय करने की बात कहते हुये उस पर अपरान्ह 3 बजे के बाद चर्चा कराने की बात कही।
विधानसभा में जब संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने आसंदी की अनुमति से विगत मानसून सत्र के दौरान प्रतिपक्ष कांग्रेस द्वारा सदन के विशेषाधिकार भंग का मामला उठाया और उन्होंने सदन में अपनी सूचना पढ़ाना आरंभ किया तो प्रतिपक्ष के सदस्यों ने इसका जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब सदस्यों को प्रति उपलब्ध करा दी गई है तो सत्र में इसे पढऩे की आवश्यकता क्या है। प्रतिपक्ष नेता  टी.एस.सिंहदेव, सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, भुपेश बघेल ने इसे सदन की परमाश के प्रतिकुल बताया। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्ष के क्षोर शराब के बीच इस पर बाद में व्यवस्था देने की बात कहीं।

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