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विनोद वर्मा की न्यायिक रिमांड चौथी बार बढ़ी 14 दिनों के लिए 23 दिसंबर तक भेजे गए जेल



रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक मंत्री की कथित सेक्स सीडी मामले में गिरफ्तार किए गए पत्रकार विनोद वर्मा की न्यायिक रिमांड फिर 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। विनोद वर्मा अब 23 दिसंबर तक जेल में रहेंगे। इधर विनोद वर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के खिलाफ के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए याचिका लगाई हुई है। इस मामले में सुनवाई होनी है। इसके अलावा हाईकोर्ट में विनोद वर्मा की जमानत के लिए लगाई गई याचिका पर भी 12 दिसंबर को सुनवाई होनी है। 
ज्ञात हो कि कथित सेक्स सीडी मामले में विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद लगातार उसकी न्यायिक रिमांड बढ़ाई जा रही है। इससे पहले तीन बार कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से हर बार 14-14 दिनों के लिए उसकी न्यायिक रिमांड बढ़ाई गई है। आज न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद चौथी बार भी कोर्ट ने उसकी न्यायिक रिमांड फिर 14 दिनों के लिए बढ़ाते हुए 23 दिसंबर तक जेल भेज दिया है। हालांकि विनोद वर्मा के रिश्तेदार द्वारा हाईकोर्ट में उसकी जमानत के लिए आवेदन दिया हुआ है, जिस पर 12 दिसंबर को सुनवाई होनी है। विनोद वर्मा सहित उनके रिश्तेदारों को हाईकोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है। इधर इस मामले में विनोद वर्मा के बेटे ने छत्तीसगढ़ पुलिस पर षडय़ंत्र कर झूठी रिपोट बनाकर उनके पिता को गिरफ्तार करने का आरोप लगाया है। इस आरोप को लेकर उसके बेटे ने गाजियाबाद के एक थाना में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है, जिसकी कॉपी उसके द्वारा हाईकोर्ट में भी जमा कराई गई है। विनोद वर्मा द्वारा इस आरोप को लेकर कोर्ट में परिवाद भी दायर किया है। खबर के अनुसार विनोद वर्मा के बचाव पक्ष द्वारा आज इस मामले में कोर्ट से विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के 12 घंटे के बाद पंडरी थाने के सीसीटीवी फुटेज मांगे है। कोर्ट इस पर 15 दिसंबर को फैसला सुनाएगा। 
उधर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं पूर्व नेताप्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे ने भी पूर्व में एक प्रेस कांफ्रेंस में सीडी मामले में विनोद वर्मा को फंसाये जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि सीबीआई ने भी सबूतो के अभाव में इस फर्जी और बेतुके मामले को रजिस्टर ही नहीं किया है।

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